थाना मुलताई पुलिस द्वारा 18 माह से गुम नाबालिक बालक व बालिका को गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्द।
बालक–बालिका को दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
थाना मुलताई पुलिस द्वारा 18 माह से गुम नाबालिक बालक व बालिका को गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों को किया सुपुर्द।

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन द्वारा गुमशुदा नाबालिक बालक– बालिकाओं को दस्तयाब करने के संबंध में विशेष अभियान चलाए जाने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
इसके पालन में थाना प्रभारी मुलताई को दो नाबालिक बालक–बालिका को दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*
थाना क्षेत्र के फरियादी द्वारा माह अप्रैल 2024 में अपनी नाबालिक बालिका को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट की गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मुलताई में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उक्त घटना के एक सप्ताह बाद थाना क्षेत्र के ही एक अन्य फरियादी ने अपने नाबालिक बालक के बहला-फुसलाकर ले जाए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना लगातार तलाश-पतारसी के प्रयास किए जा रहे थे।
*पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन,* अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मुलताई के मार्गदर्शन में थाना मुलताई पुलिस द्वारा लगातार गुमशुदा बच्चों की तलाश की जा रही थी।
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर ज्ञात हुआ कि दोनों नाबालिक बालक एवं बालिका गुजरात के गांधीधाम स्थित एक प्लाई बनाने वाले कारखाने में कार्य कर रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना मुलताई पुलिस की टीम गठित कर गांधीधाम, गुजरात रवाना किया गया। पुलिस टीम द्वारा तत्परता एवं मेहनत से दोनों नाबालिकों को दस्तयाब कर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
*मुख्य भूमिका*
उक्त सराहनीय कार्यवाही में थाना मुलताई प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, चौकी प्रभारी दुनावा उपनिरीक्षक सुनिल सरयाम, उपनिरीक्षक मोनिका पटले, आरक्षक क्रमांक 592 अभिषेक वाडिवा एवं महिला आरक्षक क्रमांक 195 मेघा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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*पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन की अपील*
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जिलेवासियों से अपील है कि वे अपने नाबालिक बच्चों पर विशेष ध्यान रखें तथा उन्हें मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया और अज्ञात व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने की समझाइश दें। बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनके मित्रों के बारे में जानकारी अवश्य रखें। यदि कोई संदेहास्पद परिस्थिति दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। आपके सहयोग से ही बच्चों की सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम संभव है।
