भगत सिंह देश की युवा पीढ़ी के सबसे बड़े आइकॉन
सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल और तुवर का ₹10,000 प्रति हेक्टेयर बोनस देने की मांग
बेगमगंज में किसान पंचायत संपन्न
भगत सिंह देश की युवा पीढ़ी के सबसे बड़े आइकॉन
सोनम वांगचुक को रिहा करे सरकार
सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल और तुवर का ₹10,000 प्रति हेक्टेयर बोनस देने की मांग
शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण बंद करे सरकार
किसानों को एमएसपी मिलने से खेतिहर मजदूरों को उचित मजदूरी मिल सकेगी
प्रतिभावान छात्र-छात्राएं सम्मानित किए गए

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर किसान संघर्ष समिति की जिला इकाई द्वारा बेगमगंज के आदर्श मैरिज गार्डन में किसान पंचायत का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर किसान पंचायत को संबोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कहा कि 23 वर्ष की आयु में शहादत देने वाले भगत सिंह देश की युवा पीढ़ी के सबसे बड़े आइकॉन बने हुए हैं। डॉ. सुनीलम ने युवाओं से अपील की कि वे भगत सिंह के समतावादी समाज के सपने को पूरा करने के लिए त्याग और बलिदान देने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ऐसे क्रांतिकारी हैं जो भारत और पाकिस्तान दोनों में सर्वाधिक चर्चित और लोकप्रिय युवा शहीद हैं।

किसान पंचायत में लद्दाख के जननेता एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।
डॉ. सुनीलम ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक देशद्रोही हैं तो किसान संघर्ष समिति का हर कार्यकर्ता देशद्रोही कहलाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष समिति सोनम वांगचुक को प्रधानमंत्री से बड़ा राष्ट्रभक्त मानती है।
किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डबल इंजन की सरकार केवल कागजी घोषणाएं करके किसानों को खुश करना चाहती है। लेकिन वास्तविकता यह है कि न तो मध्य प्रदेश में एमएसपी पर धान, मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द की खरीद की गई और न ही किसानों को समय पर यूरिया खाद उपलब्ध कराया गया। सरकार की घोषणा के मुताबिक धान उत्पादक सभी किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹4000 बोनस भी नहीं दिया गया।
डॉ. सुनीलम ने मांग की कि सरकार सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल और तुवर का ₹10,000 प्रति हेक्टेयर के हिसाब से बोनस दे।
किसान पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव श्रीराम सेन ने कहा कि सरकार किसान, किसानी और गांव को खत्म करना चाहती है इसलिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हर कदम किसानी खत्म किए जाने के लिए उठाया जा रहा है।
किसान नेता निर्भय सिंह ने बेगमगंज मंडी में एमएसपी पर सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल और तुवर की खरीद करने की मांग की।
प्रदेश सचिव शत्रुघ्न यादव ने कहा कि किसान संघर्ष समिति 40 जिलों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज मुक्ति और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन चला रही है। उन्होंने सभी से किसान संघर्ष समिति से जुड़ने की अपील की।
भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों का धैर्य टूटने से पहले सरकार किसानों को नियमित खाद, बिजली और एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था करे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे।
अध्यक्षीय भाषण में प्रदेश महामंत्री टी. आर. आठ्या ने कहा कि बीना परियोजना के अंतर्गत बेगमगंज का एक हिस्सा डूब में आने वाला था लेकिन किसान संघर्ष समिति ने डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में आंदोलन चलाकर बेगमगंज को बचाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी मिलेगी तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी जिससे खेतिहर मजदूरों को भी उचित मजदूरी मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि सरकारों को शिक्षा और स्वास्थ्य की निशुल्क व्यवस्था करनी चाहिए लेकिन सरकार सभी कल्याणकारी योजनाओं को सिकोड़ती जा रही है और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के हजारों स्कूल बंद होने से गांव के गरीब और वंचित तबके के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
किसान पंचायत में डॉ. सुनीलम के दादा श्री देवीदयाल मिश्र, पिता श्री नर्मदा प्रसाद मिश्र और माता श्रीमती विद्यावती मिश्र की स्मृति में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के 14 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।