1452 वर्ग फीट में बना नवीन जिनालय,कुल 51 प्रतिमाएं,एक चरण,ऊंचाई 53 फ़ीट
वेदी प्रतिष्ठा समारोह: नवीन जिनालय की वेदियों पर विराजमान हुए श्रीजी
*1452 वर्ग फीट में बना नवीन जिनालय,कुल 51 प्रतिमाएं,एक चरण,ऊंचाई 53 फ़ीट*
*वेदी प्रतिष्ठा समारोह: नवीन जिनालय की वेदियों पर विराजमान हुए श्रीजी*

खुरई। रविवार को आचार्य गुरुवर 108 समय सागर जी महाराज एवं खुरई में विराजमान मुनिश्री 108 महासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से, ब्रह्मचारी प्रदीप भैया “सुयश” अशोकनगर,पंडित सुरेशचंद्र जैन दमोह और पंडित पप्पू भैया चक्की के मंगल सानिध्य में वेदी प्रतिष्ठा समारोह के तीसरे और आखिरी दिन श्रीजी की अभिषेक,शांतिधारा और नित्य एवं सरस्वती पूजन हुई जिनालय के शिखर पर कलशारोहण एवं ध्वजारोहण हुआ उसके पश्चात नवीन जिनालय की वेदियों पर श्रीजी को सिंहासन पर विराजमान कर छत्र और चवर चढ़ाया गया। अंत में शांतिहवन और विसर्जन हुआ।

श्री 1008 नेमिनाथ पार्श्वनाथ जिनालय गढ़ाेला जागीर के शिखर पर कलशारोहणकर्ता जयकुमार,सौरभ जैन डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़,विजय,अभय,नरेंद्र,अजय जैन गढ़ाेला परिवार,ध्वजारोहणकर्ता शीलचंद्र,नीलेश,नीरज,नितिन बजाज परिवार,दो छोटे शिखरो पर कलशारोहण हेमचंद्र,संजय,संदीप बजाज परिवार को प्राप्त हुआ।
*जिनालय की कुल जगह लगभग दस हज़ार वर्ग फीट*
नवीन जिनालय 1452 वर्ग फ़ीट में बना हैं,यात्रियों के लिए रुकने के लिए जिनालय के पास बनी धर्मशाला 1485 वर्ग फीट में बनी है,जिनालय की कुल जगह दस हज़ार वर्ग फिट है। जिनालय की जमीन से शिखर तक की ऊंचाई लगभग 53 फिट,मुख्य शिखर की ऊंचाई 33 फ़ीट,दो छोटे शिखरों की ऊंचाई 9 फीट,जिनालय में कुल तीन द्वार,तीन द्वारों पर बने सावरण की ऊंचाई 7 फ़ीट,कुल शिखर तीन,मुख्य वेदी पर 45 प्रतिमाएं और एक चरण हैं, अगल-बगल में 3-3प्रतिमाएं,जिनालय में कुल 51 प्रतिमाएं विराजमान है। जिनालय के मूलनायक श्री नेमिनाथ,पारसनाथ भगवान हैं।
