मुख्यमंत्री के किसान विरोधी तुगलकी फरमान का विरोध करेगी किसान संघर्ष समिति,तीन दिवसीय चेतावनी धरने की घोषणा।
मुलताई के किसान एमएसपी से कम दाम पर मक्का सोयाबीन बेचने को मजबूर है।
मुख्यमंत्री के किसान विरोधी तुगलकी फरमान का विरोध करेगी किसान संघर्ष समिति,तीन दिवसीय चेतावनी धरने की घोषणा।
मुलताई के किसान एमएसपी से कम दाम पर मक्का सोयाबीन बेचने को मजबूर है।

मुलताई।किसान संघर्ष समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के की अध्यक्षता में एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम, प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव की उपस्थिति में संपन्न हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा बार-बार संसद में कहा जाता है कि वह एमएसपी (सी2+50%) पर खरीद कर रहे है जबकि यह सरासर झूठ है। मुलताई के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रू. प्रति क्विंटल है लेकिन 1000- 1200 रू.प्रति क्विंटल बिक रही है और सोयाबीन की एमएसपी 5328 रूपये प्रति क्विंटल है और वह 3500-4400 रू प्रति क्विंटल पर बिक रही है अर्थात सरकार द्वारा घोषित दर की तुलना में किसान 1000-1200 रु. प्रति क्विंटल कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर है।
एड आराधना भार्गव ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार का हर फैसला किसानों मजदूरों के हक के विरुद्ध होता है, जिसके चलते प्रदेश की जनता त्राहिमाम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कर एमएसपी की कानूनी गारंटी, धोखाधड़ी वाली भावांतर योजना बन्द करने, कर्जा माफी, 12 घंटे सतत बिजली उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों के खिलाफ तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं जिसका विरोध किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश व्यापी विरोध की शुरुआत हम मुलताई से तीन दिवसीय चेतावनी धरना देकर करेंगे। यह धारणा 11, 12, 13 नवंबर को किसान स्तंभ मुलताई पर दिया जाएगा ।
जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन ने कहा कि किसानों के हर संकट के मौके पर किसान संघर्ष समिति लड़ाई लड़ती रही है।
बैठक को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कृष्णा ठाकरे, तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह सिसोदिया, जिला महामंत्री गुलाब देशमुख आदि ने संबोधित किया। बैठक में चैन सिंह सिसोदिया, हेमराज देशमुख, कैलाश डोंगरदिए, प्रहलाद देउलकर, भागवत परिहार, अकलेश पवार आदि शामिल हुए।
बैठक के बाद किसान संघर्ष समिति के नेताओं द्वारा अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन सोयाबीन -मक्का की समर्थन मूल्य से आधे दाम पर खरीद करने वाले व्यापारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही करने, सोयाबीन की अनावरी की राहत राशि के साथ फसल बीमा दिलाने, उपज की खरीद भावांतर योजना से न कर सरकार द्वारा घोषित एम एस पी पर करने, रबी फसलों की सिंचाई हेतु दिन में 12 घंटे सतत बिजली उपलब्ध कराने, किसानों को एक माह का अस्थाई कनेक्शन देने, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने, किसानों को समय पर पर्याप्त यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट, जिंक और पोटाश उपलब्ध कराने, किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने, खरीफ की फसल में सोयाबीन की जगह मक्का की गिरदावरी दर्ज करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने एवं गलत गिरदावरी का सुधार करने, किसानों को टी सी कनेक्शन की शर्तों के बिना 10 एचपी तक सोलर पंप उपलब्ध कराने, मक्का की खरीद रेट पॉइंट पर बंद कर मंडियो में कराने आदि मांगों को लेकर सौंपा गया।