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चोरी, नकबजनी, डकैती, लूट एवं गृहभेदन के प्रकरणों में अत्यंत लचर विवेचना पर सख्त रुख, लापरवाह विवेचकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश

अपराधियों की मात्र गिरफ्तारी से पुलिस की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित करना पुलिस का मूल दायित्व है।

चोरी, नकबजनी, डकैती, लूट एवं गृहभेदन के प्रकरणों में अत्यंत लचर विवेचना पर सख्त रुख, लापरवाह विवेचकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश

अपराधियों की मात्र गिरफ्तारी से पुलिस की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित करना पुलिस का मूल दायित्व है।

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन द्वारा वर्ष 2025 के दौरान जिले में दर्ज चोरी, नकबजनी, डकैती, लूट एवं गृहभेदन जैसे गंभीर संपत्ति संबंधी अपराधों की न्यायालयीन स्थिति की समीक्षा उपरांत अत्यंत गंभीर, चिंताजनक एवं अस्वीकार्य तथ्य सामने आए हैं।

🔹समीक्षा में यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि *वर्ष 2025 में डकैती, चोरी एवं लूट के कुल 40 प्रकरणों में से एक भी प्रकरण ऐसा नहीं है जिसमें आरोपी को सजा दिलाई जा सकी हो, तथा सभी 40 प्रकरणों में आरोपियों को न्यायालय से 100 प्रतिशत दोषमुक्ति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार गृहभेदन के 43 प्रकरणों में से मात्र 01 प्रकरण में ही सजा हो सकी, जबकि शेष 42 प्रकरणों में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया, जिससे दोषमुक्ति प्रतिशत लगभग 96% रहा, जो कि पुलिस विवेचना की गंभीर विफलता को दर्शाता है।*
🔹पुलिस अधीक्षक द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि
* उपरोक्त स्थिति सामान्य त्रुटि नहीं बल्कि विवेचना में गंभीर लापरवाही, अकर्मण्यता एवं पेशेवर उदासीनता का परिणाम है।
* विवेचना के दौरान साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी प्रमाणों की प्रस्तुति, गवाहों के कथनों एवं कानूनी प्रक्रियाओं के पालन में की गई चूक सीधे तौर पर अपराधियों को लाभ पहुँचा रही है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
* उक्त प्रकरणों में जिन विवेचकों की लापरवाही परिलक्षित हुई है, उनके विरुद्ध अर्थदंड सहित कठोर विभागीय कार्रवाई किए जाने के निर्देश पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी कर दिए गए हैं।
* साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि भविष्य में विवेचना के स्तर पर की गई प्रत्येक लापरवाही को सेवा दोष मानते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को *अंतिम चेतावनी* देते हुए निर्देशित किया है कि *–
* *वे विवेचना को केवल औपचारिकता न मानें।*
* *अपराधियों की मात्र गिरफ्तारी से पुलिस की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित करना पुलिस का मूल दायित्व है।*
* 🔹यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि आगामी अवधि में यदि *चोरी, नकबजनी, डकैती, लूट एवं गृहभेदन* जैसे अपराधों में विवेचना की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं संबंधित अधिकारी की होगी।
*पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया है कि लचर विवेचना, कार्य में लापरवाही एवं जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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