मुहर्रम में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल, नौवीं तारीख को निकलीं बाबाओं की सवारियां
सवारियों ने नगर भ्रमण कर लोगों को अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया
मुहर्रम में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल, नौवीं तारीख को निकलीं बाबाओं की सवारियां

मुलताई। मुहर्रम की नौवीं तारीख पर नगर में सांप्रदायिक सौहार्द्र और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बाबाओं की सवारियां निकाली गईं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नगर के नाका नंबर-1, गांधी वार्ड सहित अन्य क्षेत्रों से निकली सवारियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस दौरान नारायण विश्वकर्मा बाबा एवं कालू रगड़े बाबा सहित अन्य लोगों ने अलम उठाकर श्रद्धा और आस्था का परिचय दिया।
सवारियों ने नगर भ्रमण कर लोगों को अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया।
मुहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा,
नगर के प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जाती रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ,
सवारियों के नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया,गाँधी चौक में नवयुवकों नें शरबत का वितरण कर आपसी सद्भाव और एकता का परिचय दिया।
मुहर्रम के अवसर पर एक बार फिर साबित हुआ कि मुलताई की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब,आपसी प्रेम और भाईचारे से है।